विंडो सबसे ज्यादा जानलेवा, ग्राफिक से समझें विमान की सबसे सुरक्षित और रिस्की सीटें कौनसी

गुजरात के अहमदाबाद में एयर इंडिया का विमान AI-171 क्रैश हो गया है. विमान में क्रू मेंबर समेत कुल 242 यात्री शामिल थे. हादसा टेकऑफ के दौरान हुआ. विमान लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट के लिए जा रहा था. विमान हादसों पर एविएशन विशेषज्ञ कहते हैं, प्लेन क्रैश की घटनाओं में सबसे ज्यादा 44 फीसदी तक खतरा उन यात्रियों को होता है जो अपने लिए बीच की सीट को चुनते हैं.

रिसर्च रिपोर्ट कहती है, अगर विमान हादसा होता है तो यात्री की जान का जोखिम कितना है, यह सीट की पोजिशन के आधार पर बताया जा सकता है. अब समझते हैं यात्री विमान में कौनसी सीटें सबसे सुरक्षित होती हैं और कहां खतरा ज्यादा होता है.

विमान की सबसे सेफ और रिस्क सीट कौनसी?

विमान की कौन सी सीट सबसे ज्यादा जानलेवा है और कहां खतरा सबसे कम है, एविएशन एक्सपर्ट्स ने इसकी जानकारी दी है. विशेषज्ञों का कहना है, सबसे कम खतरे वाली सीटें विमान के पिछले हिस्से में होती हैं. हादसे की स्थिति में कुछ सीटें पर मौत का खतरा क्यों ज्यादा होता है. विशेषज्ञों ने इसकी वजह भी बताई है.

Risky Seats Of Passenger Flight

एविएशन विशेषज्ञ विमान की कुछ सीटों को सबसे ज्यादा रिस्की मानते हैं.

कैसे बताया सीटों का जोखिम?

विमान की कौनसी सीट सबसे सुरक्षित है और किससे जान को जोखिम ज्यादा है, इसे समझने के लिए रिसर्च की गई है. रिसर्च में शोधकर्ताओं ने दुनियाभर में हुए 105 विमान हादसों की एनालिसिस की. उस विमान हादसों में जिंदा बचे सर्वाइवर्स की जानकारी जुटाई.

शोधकर्ताओं का कहना है कि जब विमान में आग लगने की घटना होती है तो सबसे ज्यादा खतरा विंडो सीट वालों को रहता है. इनके बचने की उम्मीद 53 फीसदी रहती है. वहीं, आगे की तरफ बैठने वाले यात्रियों के बचने की उम्मीद 65 फीसदी तक रहती है.

डेली मेल की रिपोर्ट में एविएशन एक्सपर्ट का कहना है, विमान के बीच में गलियारे वाली सीटों पर बैठने वाले यात्रियों की जान का जोखिम रहता है.सेंट्रल क्वींसलैंड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डग ड्रूरी के मुताबिक, विमान में पीछे बैठने वाले सबसे सुरक्षित हैं. यहां मौत का खतरा मात्र 28 फीसदी रहता है.

टाइम मैगजीन की तरफ से 35 वर्षों तक की गई जांच में पाया गया कि विमान के पिछले हिस्से की सीटों में मौत का खतरा 32 प्रतिशत था, जबकि आगे से तीसरे हिस्से में यह खतरा 38 प्रतिशत था.

सबसे सुरक्षित कौन?

ग्रीनविच यूनिवर्सिटी की रिसर्च रिपोर्ट कहती है, इमरजेंसी गेट के पास बैठे दुर्घटना में जीवित बचे लोगों के लिए विमान से बाहर निकलने का रास्ता अधिक तेज होता है, जिससे दुर्घटना से बचकर निकलने की संभावना अधिक होती है. यहां की सीटों को सुरक्षित बताया गया है.शोधकर्ताओं ने पाया कि अगर आग लग जाए तो गेट से पांच पंक्ति दूर वाली सीट पर बैठने से बच निकलने की संभावना अधिक होती है.

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